iTi Fitter Memorable Point स्मरणीय बिन्दु (ITI Fitter Theory Basic Knowledge) Part-1

फिटर सिद्धांत स्मरणीय बिन्दु (iTi Fitter Memorable Point)  जानने को आपको मिलेगा इसके साथ और भी Parts में आपको काफी जानकारी देखने को मिलेगा जिससे आप पढ़ सकते हैं। यह पार्ट-1 है।

 (ITI Fitter Theory Basic Knowledge) Part-1


1. वर्क रैस्ट प्लेट कार्य करने वाले बल के सापेक्ष वर्क के सापेक्ष देती है।

2. वर्कगाइड का कार्य व्हील के बीच के स्थान में वर्क को समानान्तर रखना हैं।

3. वर्क रैस्ट चक इत्यादि जैसे वर्क होल्डिंग डिवाइस के जैसे होते है।

4. वर्क रैस्ट के द्वारा ग्राइडिंग की क्रिया के क्षेतिज बल के सापेक्ष वर्क को पकड़ा जाता है।

5. रेजोनाइड बॉड का प्रयोग मल्टीटूथ कटर्स की ग्राइडिंग के लिए किया जाता है।

6. मेटेलिक बॉड का प्रयोग ऑफ हैण्ड ग्राइडिंग के लिए तथा कार्बाइड की ग्राइडिंग के लिए किया जाता है।

7. बिट्रिफाइड बॉड का प्रयोग चिप्ड या बहुत खराब टूल की रफिंग ग्राइडिंग के लिए किया जाता है।

8. लेपिंग विधि फाइन एब्रेसिव मटेरियल के उपयोग से की जाती है तथा इस विधि में उपयोग किये गये कम्पाउण्ड में सिलीकान कार्बाइड एल्यूमीनियम आक्साइड, बोरोन कार्बाइड तथा डायमण्ड ऐब्रेसिव होते हैं।

9. बर्निशिंग विधि में असमानतायें हटाने के लिए वर्कपीस पर बहुत हार्ड सतह को हटाया जाता है, तथा इस प्रक्रिया में सफल फिनिशिंग के लिए वर्कपीस की हार्डनैस 40 HRC से कम होनी चाहिए।

10. सुपर फिनिशिंग में स्टोन (पत्थर) को साफ तथा शार्प रखने के लिए कूलेंट का उपयोग आवश्यक है।

11. होनिंग :- यह प्रक्रिया हार्ड तथा बिना हार्ड वर्कपीस को दोनों ही स्थिति में की जाती है।

12. न्यूनतम होल साइज तथा अधिकतम शाफ्ट के बीच का अंतर असेम्बली में न्यूनतम पोजिटिव क्लीयरेंस होता है।

13. अधिकतम शाफ्ट साइज तथा होल का न्यूनतम साइज के बीच का अंतर असेम्बली का नैगेटिव क्लीयरेंस होता है।

14. ट्रांजिशन फिट में दोनों-क्लीयरेंस तथा इन्टरफियरेंस के कारण असेम्बली हो सकती है।

15. मशीन स्पिण्डल के ऊपर से देखने पर ड्रिल को क्लॉक वाइस घूमाना चाहिए।

16. ड्रिल के पेरिफरल स्पीड तथा ड्रिल की कटिंग स्पीड एक तथा समान ही होती है।

17. I.S.O. मीट्रिक एक्सटरनल (बाहरी चूड़ी) का रूट गोल होता है।

18. टेपिंग करते समय छिद्र के अक्ष के समानान्तर टैप को, एलाइन्ग किया जाता है।

19. ड्रिल के कटिंग एज के पीछे दिए गए रिलिफ को क्लीयरेंस कोण कहते हैं।

20. जहाँ दो होल की एक्यूरेट लोकेशन की आवश्यकता हो वहाँ ड्रिलिंग किए जाने वाले होल के वास्तविक व्यास के पूर्व पाउलट ड्रिलिंग आपरेशन रिक्मेंड किया जाता है।

21. वह स्पीड जिससे कटिंग एज मैटेरियल के ऊपर इकाई समय में गुजरता है वह कटिंग स्पीड कहलाता है।

22. उपयोग किए जाने वाले रेन्च की लंबाई का चयन टैप के व्यास के अनुसार किया जाता है।

23. मीट्रिक चूड़ी का थ्रेड ऐंगल 60° होता है।

24. डाई स्ट्रॉक की लंबाई, डाई के व्यास के समानुपाती होती है।

25. डाई द्वारा चूड़ी काटने के बाद स्क्रू ब्रैड के फिट को मशीनिंग नट द्वारा चैक किया जाता है।


After Passing iTi Career Option | iTi के बाद क्या करें? Apprentice या Job


iTi Fitter Memorable Point स्मरणीय बिन्दु (ITI Fitter Theory Basic Knowledge) Part-2

iTi Fitter Memorable Point स्मरणीय बिन्दु (ITI Fitter Theory Basic Knowledge) Part-3


26. डाई थ्रेडिंग को सर्कुलर डाई के लीडिंग साइड से प्रारंभ किया जाना चाहिए।

27. सर्कुलर होल को ओरीजिनेट करने के लिए उपयोग होने वाला टूल रीमर कहलाता है। 

28. स्ट्रेट शैंक ड्रिल को ड्रिल चक में पकड़ा जाता है।

29. टेपर गैंक ड्रिल टैल स्टाक में सीधे या स्लीव द्वारा पकड़े जाते हैं।

30. ग्राइडिंग व्हील का कार्य : यह मैटल को हटाने का आपरेशन करता है।

31. कंट्रोल व्हील का कार्य वर्क को आवश्यक रोटेशन तथा लांगीट्युडनल फीड देना है।

32. आक्सी-क्लोराइड बाण्ड को 'O' द्वारा प्रदर्शित किया जाता है इसको सेगमेन्ट व्हील बनाने के लिए चुनते हैं।

33. टूल तथा कटर ग्राइंडर का उपयोग ब्लन्ट कटिंग जैसे मिलिंग कटर्स, डाई तथा पंच इत्यादि को शार्प करने के लिए किया जाता है।

34. मेगनेटिक चक में आसानी एवं शीघ्रता से फैरस मैटेरियल की समान्तर सरफेस को ग्राइडिंग किया जा सकता है

35. ऐंगल प्लेट तथा 'C' क्लैम्प का प्रयोग संगत सरफेस को 90° पर ग्राइंड करने के लिए किया जाता है।

36. यूनीवर्सल वाइस का प्रयोग दो विभिन्न तल पर कोणीय सरफेस को ग्राइंड करने के लिए किया जाता है।

37. बी ब्लाक के साथ 'U' कलेम्प का प्रयोग सिलेण्ड्रीकल वर्कपीस के फेस को 90° पर ग्राइंड करने के लिए किया जाता है।

38. यदि ग्राइडिंग व्हील बेलेन्स न हो तो, उसके कारण सरफेस पर चेटर के निशान प्राप्त होंगे जिससे खराब सरफेस फिनिश प्राप्त होगी।

39. ड्रोसग:एब्रेसिव के कटिंग एक्शन को पुनः प्राप्त करने की विधि को कहते हैं।

40. फाइन फिनिश के लिए डेन्स स्ट्रक्चर ग्राइंडिंग व्हील का प्रयोग करना चाहिए।

41. ग्राइंडिंग व्हील के साइडस को रिलिविंग करने के लिए डायमण्ड ड्रेसिंग स्टिक का प्रयोग किया जाता है।

42. जब स्लिटिंग सॉ का उपयोग डाउन मिलिंग के प्रोसेस से काटने के लिए किया जाता है, तो बैकलैश एलीमिनेटर की आवश्यकता होती है।

43. लेथ पर ड्रिलिंग में रिलीव हैण्ड व्हील प्रेशर लगातार चिप्स को तोड़ने के लिए प्रयोग किया जाता है।

44. बाहरी टेपर को चैक करने के लिए टेपर रिंग गेज का प्रयोग किया जाता है।

45. यदि किसी वर्कपीस के व्यास में एक समान वेरिएशन (भिन्नता) पाई जाती है तो उसे टेपर कहते हैं।

46. टॉलरेंस जोन ऐसी जगह होती है कि अधिकतम लिमिट जीरो लाइन पर और न्यूनतम लिमिट लाइन के नीचे होती है तो एक्चुअल साइज बेसिक साइज से बराबर या छोटा होता है।

47. टालरेंस जोन जीरो लाइन के नीचे होता है तो एक्चुअल साइज बेसिक साइज से छोटा होता है।

48. ग्राइडिंग व्हील की टुइंग तथा ड्रेसिंग करने के लिए डायमण्ड ड्रेसर उपयोग होता है।

49. वर्क टेबिल की स्ट्रोक की लम्बाई को स्टॉप डाम्स की स्थिति को एडजस्ट करके नियंत्रित किया जाता है।

50. ग्राइडिंग सरफेस के लिए एप्रोच तथा ओवर ट्रेवल 10 से 15 मि.मी. होती हैं।


Tags: Exam Questions Answers, ITI Fitter Theory basic knowledge, itifittertheory, iTi Fitter Memorable Point स्मरणीय बिन्दु, ITI Fitter Theory Basic Knowledge) Part-1, 

Post a comment

0 Comments